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Romance with Truth: Theatre of Relevance! - Lokmat Times (12.1.2024)

मंजुल भारद्वाज के नाटक का सब्जेक्ट मैटर (विषय वस्तु) महत्वपूर्ण और उम्दा होता है। वो नाटक की बारीकियां जैसे एक्टर की भाषा,संवाद,शब्द उच्चारण,अभिनय की गहराई, बॉडी लैंग्वेज बहुत कोऑर्डिनेटेड और परफेक्ट होती है,लाइट्स,साउंड बेहतरीन, कॉस्ट्यूम्स के रंगों के डिटेल्स पर बख़ूबी काम करते हैं! बहुतखूब ! डॉली ठाकोर

मंजुल भारद्वाज थियेटर के कबीर हैं जो अपना घर फूंक थियेटर करते हैं! - महेश आनंद

कुछ दिन पहले नाट्यकर्मी मित्र मंजुल भारद्वाज से उनके अनुभवों को लेकर लंबी बात हुई। मुझे लगता है कि मैं उन्हें थिएटर के विश्व नागरिक तमगे से नवाजूं ! • धीरेन्द्र अस्थाना